रीढ़ की हड्डी या मेरुदंड (Spine) हमारे शरीर का एक मुख्य अंग है। इसके
बिना हम सीधे खड़े तक नहीं हो सकते हैं। रीढ़ की हड्डी से हमारे शरीर को एक
संरचना और समर्थन मिलता है। यह हमारे शरीर को हिलने और झुकने में सहायता
करती है। रीढ़ की हड्डी हमारे मेरुरज्जु की भी रक्षा करती है।
मेरुदंड हमारे शरीर की नसों का एक स्तंभ है जो शरीर के विभिन्न भागों को दिमाग से जोड़ता है। यह हड्डियों का एक समूह है जो 33 भागों में बटा हुआ है जिसे वर्टेब्रल कहते हैं।
रीढ़ की हड्डी
कैसें करें रीढ़ की हड्डी की देखभाल
रीढ़ की हड्डी के लिए टिप्स
मेरुदंड हमारे शरीर की नसों का एक स्तंभ है जो शरीर के विभिन्न भागों को दिमाग से जोड़ता है। यह हड्डियों का एक समूह है जो 33 भागों में बटा हुआ है जिसे वर्टेब्रल कहते हैं।
रीढ़ की हड्डी
- यह नसों और तंतुओं से बना है जिसे अक्सॉन्स कहते हैं।
- अक्सॉन्स की लंबाई 18 इंच होती है जो दिमाग से शुरू होकर पीठ के निचले हिस्से तक जाती है।
- इससे जुड़ी नसों के कारण ही हमारे शरीर के सभी अंगों को कार्य करने का संदेश पहुंचता है।
- रीढ़ की हड्डी हमारे मेरुरज्जु की भी रक्षा करती है।
- हमें हिलने-डूलने तथा झुकने में सहायता करता है।
कैसें करें रीढ़ की हड्डी की देखभाल
- शरीर का एक मुख्य भाग होने के कारण रीढ़ की हड्डी की मजबूती पर विशेष ध्यान रखना चाहिए।
- रीढ़ की हड्डी में यदि तकलीफ है तो उसे हल्के में नहीं लेना चाहिए तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
- व्यक्ति को अधिक वजन नहीं उठाना चाहिए और अपने वजन को बढ़ने से रोकना चाहिए।
- भोजन में आयरनयुक्त खाना ही खाना चाहिए तथा हड्डियों को मजबूत रखने के लिए दूध जरूर पीना चाहिए।
- धूम्रपान और शराब के दोनों ही रीढ़ की हड्डी के लिए अच्छे नहीं होते हैं, अतः इनका उपयोग न करे और अगर करें तो मात्रा पर नियंत्रण रखें।
रीढ़ की हड्डी के लिए टिप्स
- मोटापे को नियंत्रण में रखना चाहिए क्योंकि इसका सीधा असर रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है।
- कम्प्यूटर पर घंटों काम करने से बचना चाहिए यदि आवश्यक है तो हर एक या दो घंटे में थोड़ी देर के लिए खड़े होकर टहल लें।
- धूम्रपान करने से भी रीढ़ की हड्डी संबंधी समस्या उत्पन्न करता है इसलिए धूम्रपान की आदत को छोड़ने का प्रयास करें।
- दर्द से बचने के लिए नियमित व्यायाम करने चाहिए।
- भोजन में भरपूर कैल्शियम तथा आयरन की मात्रा का ध्यान रखाना चाहिए।
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