लड़कियों जैसे कपड़े पहने हुए, दाढ़ी- मूंछ के साथ अगर आप लेडीबियर्ड को देखेंगे तो सोचेंगे की यार, ये कौन है? लेकिन जापान में इस इंसान ने धूम मचा रखी है. आइये, बताते हैं आपको इनकी कहानी.
रिचर्ड मागरे के नाम से जन्म लेने वाले लेडीबियर्ड बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं. 23 साल की उम्र में वो ऑस्ट्रेलिया से हॉंगकॉंग आ गए. मार्शल आर्ट्स में माहिर रिचर्ड को कुंग फू फ़िल्मों में काम करना था.
उन्हें शुरू से ही रेसलिंग में दिलचस्पी थी क्योंकि उसमें एक्टिंग, मार्शल आर्ट्स, परफॉरमेंस, सब दिखाने का मौका मिलता है.
जब उन्होंने रेसलिंग में अपना करियर शुरू करने की सोची तो तय किया कि वो लड़कियों की ड्रेस पहन कर ही रिंग में आएंगे. उन्होंने अपना नाम भी बदल कर लेडीबियर्ड कर लिया. सबको उनका ये रूप बहुत पसंद आया.
उन्हें रेसलिंग के साथ-साथ मेटल गाने गाना भी पसंद था. फिर क्या, उसकी भी शुरुआत उन्होंने लेडीबियर्ड के कैरेक्टर के साथ की. वो केंटोनीज़ पॉप गानों को अपने अंदाज़ में गाते थे, वो भी ड्रेस पहन कर.
शो के बाद लोगों ने उन्हें बहुत सराहा. उसके बाद उन्होंने जापान जाने का प्लान बनाया क्योंकि वहां लोग उनकी इस प्रतिभा को बहुत पसंद करते.
उसके बाद लेडीबियर्ड का नाम जापानी मैगजीन्स में छाने लगा और 2 लड़कियों ने उनके साथ 'लेडीबेबी' नाम का मेटल बैंड भी शुरू किया.
इस बैंड ने अपना पहला गाना पिछली जुलाई में रिलीज़ किया और तब से वो टूर पर हैं.
लेडीबियर्ड का सपना है रोबोट डायनासौर पर दुनिया के चक्कर लगाना. उसके लिए पहले इस मशीन का आविष्कार करना पड़ेगा.
आशा है कि लेडीबियर्ड को हम पूरी दुनिया में घूमते देखेंगे.
अगर आपको अपने टैलेंट की परख़ है तो नाम कमाने में देर नहीं लगती. लेडीबियर्ड की कहानी से तो यही सिद्ध होता है. आप क्या सोचते हैं? कमेंट कर के बताइये.
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