बंगलुरु की सड़कों का मगरमच्छ तो आपको याद ही होगा? जिसे सड़कों पर बने गड्डों की तरफ़ प्रशासन का ध्यान दिलाने के लिए एक आर्टिस्ट ने इजाद किया था. आज कल बंगलुरु की ये सड़कें एक बार फ़िर चर्चा में हैं, जिसकी वजह इस बार कोई मगरमच्छ नहीं बल्कि एक एनाकोंडा है. हर साल बंगलुरु में डेंगू और मलेरिया के बहुत से मामले आते रहते हैं, जिसका कारण सड़कों पर बने गड्डों में पानी का भर जाना है. पर हर सरकार और प्रशासन की तरह यहां की भी सरकार और प्रशासन तब तक सोती रहती है, जब तक कि कोई जा कर उसके कानों में चिल्ला कर अपनी बात न पहुंचाए.
'चित्रकला परिशाथ' से अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके पुष्पराज इस बारे में कहते हैं, "पहले उन्हें स्थानीय लोगों के बड़े विरोध झेलने पड़े थे, पर जब मीडिया के ज़रिये लोगों को ये बात समझ में आने लगी कि यह केवल एक कला है जिसका संदेश काफ़ी गहरा है, उसके बाद अलग-अलग जगहों से इस एनाकोंडा के लिए आर्डर आने लगे”.
कला का प्रदर्शन तो सब करते ही हैं पर एक कला तभी सार्थक होती है, जब वह आम जन जीवन को पर्दे पर उतारे.
आज देश को ऐसे ही कलाकारों की ज़रूरत हैं, जो अपनी कला से आम जनता के भी काम आये.
आज देश को ऐसे ही कलाकारों की ज़रूरत हैं, जो अपनी कला से आम जनता के भी काम आये.
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