दिन दोगुनी, रात चौगुनी की कहावत तो आपने सुनी ही होगी. जसलीन कौर मामला भी कुछ ऐसा ही होता जा रहा है, जहां एक ओर खुद को पाक साफ़ और लड़के पर छेड़छाड़ का आरोप लगाने वाली जसलीन कौर एक और नये विवाद में फंसती नज़र आ रही हैं.विश्वजीत नाम के एक शख्स ने थाने जा कर अपनी गवाही से इस मामले को नया मोड़ दे दिया है. उसने बताया कि लड़के की कोई गलती नहीं थी, उसने तो बस साइड मांगी थी. पर लड़की ही लड़ने पर उतारू हो गई और मामले को छेड़खानी का रूप दे दिया.
महिला अधिकारों के नाम पर शोषण करने की प्रथा कोई नई नहीं है. दहेज़ उत्पीड़न कानून के दुरूपयोग के कई मामले समय-समय पर सामने आते रहते हैं, पर फ़िर भी हर बार बिना मामले की तह तक गये अपना फ़ैसला सुनाना आज-कल का फेसबुकिया ट्रेंड बन चुका है.
क़ानून के जानकारों से उम्मीद की जाती है कि वो भी बिना दोनों पक्षों की बात सुने अपना फ़ैसला न सुनायें, पर जब वो ही ऐसे मामलों में सिर्फ़ मीडिया रिपोर्ट के आधारों पर किसी की तारीफ़ कर देते हैं तो एक आम इंसान से क्या उम्मीद की जा सकती है.
क़ानून के जानकारों से उम्मीद की जाती है कि वो भी बिना दोनों पक्षों की बात सुने अपना फ़ैसला न सुनायें, पर जब वो ही ऐसे मामलों में सिर्फ़ मीडिया रिपोर्ट के आधारों पर किसी की तारीफ़ कर देते हैं तो एक आम इंसान से क्या उम्मीद की जा सकती है.
0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें