
ई. एफ. टी. का मतलब ‘इमोशनल फ्रीडम टेक्निक’ यानि भावनाओं से आजादी की तकनीक है प्रत्येक व्यक्ति के मनोविज्ञान पर आधारित है। जिसे अधिकांश लोग अपनी दिनचर्या में अपना रहे हैं लेकिन, कई लोग अभी इससे वाकिफ नहीं हैं और इसे नजरअंदाज कर रहे हैं। प्रत्येक व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ईएफटी वास्तव में बहुत आवश्यक है। इससे आपको पता चलता है कि आप अपनी जीवन शैली और अपने खान पान के प्रति कितने समर्पित हैं । कई फायदों वाली इस तकनीक को सीखना बहुत आसान है ।
ई. एफ. टी. के लाभ
- यह सकारात्मक लक्ष्य बनाने में मदद करता है
- यह अत्यधिक भोजन की लालसा को कम करता है
- यह दर्द को समाप्त करता है
- यह नकारात्मक भावनाओं को दूर करने में मदद करता है
ई. एफ. टी. को मनोविज्ञान एक्यूप्रेशर के नाम से भी जाना जाता है जिसमे कुछ बिन्दुओं पर ऊँगली के दबाव से उर्जा का संचार किया जाता है ।
इसे कैसे करते हैं ?
ई. एफ. टी. का प्रमुख कार्य सकारात्मक उर्जा का संचार करना है । लोगों में कुछ पुराने अनुभवों की वजह से नकारात्मक उर्जा बढ़ने लगती है जिसे इस पद्धति से शरीर के 10 अलग अलग बिन्दुओं पर दबाव डालकर दूर किया जाता है ।
आदमी के शरीर में 14 रास्ते होते हैं जिनसे उर्जा का संचार होता है और जिन्हें उर्जा शिरोबिंदु के नाम से जाना जाता है । अगर इनमे से 1 या 1 से अधिक बिंदु बिगड़ जाता है तो क्रोध, नकारात्मकता, शर्म और ग्लानि जैसे भाव पनपने लगते हैं ।
ई. एफ. टी. कहाँ होते हैं ?
मानव शरीर में उर्जा संचार के 10 प्रभावी बिंदु होते हैं जो 14 शिरोबिन्दुओं के साथ जाने जाते हैं । जिन की टैपिंग द्वारा शरीर से नकारात्मक ऊर्जा को बाहर निकाला जाता है ।
ई. एफ. टी. टैपिंग पॉइंट हैं
- सर के ऊपर
- आँखों के बगल में
- बिरोनी
- आँखों के नीचे
- नाक के नीचे
- कॉलर बोन
- सोर पॉइंट
- टोढ़ी
- बाँहों के नीचे
- कलाई के अन्दर
- कराटे चौप
बिंदु टैपिंग के तरीके
सर के ऊपर
सर के ऊपर का सटीक पॉइंट खोजना मुश्किल होता है इसलिये बेहतर होता है कि सारी उँगलियों से पूरे सर की टैपिंग करें ।
चेहरे के बिंदु
दोनों उंगलियों से आँखों के बगल में और चेहरे पर टैपिंग करें ।
बाँहों के नीचे
हाँथो से कुछ इंच नीचे ये बिंदु होते हैं, मर्दों में ये निप्पल के पास और महिलाओं में ये ब्रा बैंड के बीच में होते हैं । इन बिन्दुओं पर सभी उंगलियों को एक साथ मिलाकर टैपिंग करें ।
कराटे चौप बिंदु
हथेली की बाहरी तरफ यह बिंदु होता है जिसे उंगलियों से टेप करें और संतुष्टि पायें ।
कलाई का आंतरिक बिंदु
हथेली और कलाई को अलग करने वाली रेखा से तीन ऊँगली नीचे यह पॉइंट होता है ।
0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें