
इमली का फल भारतीय व्यंजन मसाला में बहुत लोकप्रिय है। इमली के खट्टे स्वाद के कारण इसके कई उपयोग है ।यह जाम मीठे पेय या स्नेक्स के साथ मिठाई को बनाने में प्रयोग किया जाता है। इमली में ज्वरनाशक,सर्द और एंटिसेप्टिक के रूप में कुछ गुण शामिल है,इसे स्वाद के लिए चटनी ,करी और अचार जैसे खाद्य पदार्थो में इस्तेमाल किया जाता है।
चिकित्सा के लिए उपयोग
भूख में कमी
अगर आपको भूक नही लगती हे,तो इसके लिए एक कटोरी में पानी ले उसमे गुड़,इमली का गुदा,दाल चीनी का छिलका और इलायची अच्छे से मिलाये फिर इसे मुह में आहार के रूप में चुसे ।
कान की समस्या
एक व्यक्ति को अगर कान में गंभीर दर्द है,तो तेल के साथ इमली का रस असरदार काम करता है।
जुकाम
इमली के फलो के सूप से तीव्र ठण्ड का इलाज किया जा सकता है।
सफ़ेद निर्वहन
इमली के बीज लीजिये उनके सूखा ले उसके बाद उसे पीसकर उसमे दूध मिला ले इस पेस्ट को आप नियमित रूप से ले आपको अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे ।
दस्त
कुछ इमली के बीज लो उन्हें सुखा कर पिसे और उसमे अदरक पावडर, विशप घास और सेंधा नमक मिलाये और थोडा सा मक्खन मिलाये फिर इसे दूध के साथ पिये।
आँख रोग के लिए
दूध के साथ इमली का रस ले और से अच्छे से मिला ले अगर आपकी आँखों में दर्द या जलन हे तो इस तरल पदार्थ को आँखों में लगा ले अगर आपकी आँखों में खुजली हो रही हो तो काली मिर्च घी और इमली के बने पेस्ट को लगा ले खुजली कम होगी।
झाई पड़ना
इमली की जड़ की छाल लीजिये इसे पीसकर इसका पेस्ट बना लीजिये और लगा लीजिये झाई पड़ना कम हो जायेगा।
बवासीर
बराबर तेल और घी बराबर मात्रा में गर्म करे और इसमें इमली की पत्तिया तल ले अब इसमें अनार के बीज सुखा अदरक और धनिया पावडर पर्याप्त मात्रा में डाले इसे अच्छे से पकाने के बाद इसमें दही मिला ले इसे आप नियमित रूप से ले अच्छे परिणाम मिलेंगे इमली के गुदे के साथ दलिया के द्वारा भी रक्तस्त्राव बवासीर को ठीक किया जा सकता है।
खांसी
एक कटोरी में इमली का गुदा,उसमे दो चम्मच हल्दी, कुछ चमेली की पत्तिया ले और उन्हें अच्छी तरह से पीस ले जब भी आपको खांसी हो तो ये खा ले आपको राहत मिलेगी ।
घाव और सूजन
एक कटोरी में गेहूं का आटा,इमली के पत्ते,इमली का रस एक चुटकी नमक ले और इसे उबाल ले अब इस गर्म पेस्ट को घाव या सुजन की जगह पर लगा ले इससे सुजन के दर्द को और भी राहत मिलती है सुजन को कम करने के लिए इमली का गुदा और नींबू का रस भी लगा सकते है।
पाचन
पाचन की समस्याओ के आयुर्वेदिक उपचार के लिए इमली के बीज का इस्तेमाल किया जा सकता है इमली के बीज को पीसकर इसके पाउडर को पानी के साथ ले सकते है ।
गुदा
इमली हृदय और रक्त में शर्करा की दवाओं को कम करने में एक आम घटक की तरह इस्तेमाल किया जाता है और यह आंत के सामान्य सुस्ती को बेहतर बनाता है जो एक सौम्य रेचक के रूप में कार्य करता है।
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