
अनोरेक्सिया नर्वोसा एक अजीब तरह की बीमारी है जिसमें व्यक्ति को हमेशा अपना वज़न बढ़ने की चिंता रहती है। क्योंकि उन्हें हमेशा लगता है कि उनका वज़न बढ़ जाएगा अतः वे अपने खानपान में नियंत्रण करने लगते हैं। वे हमेशा यह सोचते हैं कि खाना खाने से वे मोटे हो रहे हैं,अतः वे कुछ भी खाने के पहले हज़ार बार सोचते हैं। कई बिलकुल दुबले पतले लोगों को भी इस रोग का शिकार बनते देखा गया है। उनके लिए यह समस्या सिर्फ खाने की नहीं होती बल्कि यहाँ खाने का अजीब तरह का इस्तेमाल करके उनके निराहार रहने की नौबत आ जाती है। इस स्थिति में लोगों को खाना ना खाकर काफी संतुष्टि का अनुभव होता है क्योंकि इससे वे खुद पर नियंत्रण का अनुभव करते हैं। ऐसा करके वे बेचैनी,तनाव एवं गुस्से को अपनी ज़िन्दगी से निकाल देते हैं।
एनोरेक्सिया के लक्षण
१. बिलकुल ना खाना या बहुत ही कम खाना
२. हमेशा उलटी आना
३. हमेशा खाने को तथा उसकी कैलोरी को नापना
४. डाइट की गोलियां लेना
५. चोट लगने या थकने के बावजूद काफी व्यायाम करना
६. कुछ ख़ास भोजन काफी कम मात्रा में खाना
७. खाते समय खाने की बजाय प्लेट में चम्मच घुमाना
एनोरेक्सिया के कारण
लोगों को इसके किसी एक ख़ास कारण का पता नहीं है। किसी व्यक्ति को खानपान की समस्या होना इसका एक कारण हो सकता है। यह विज्ञान द्वारा एक बीमारी घोषित की गयी है जिसकी वजह से एनोरेक्सिया हो सकता है। अन्य कारण हैं :-
परिवार की समस्या
परिवार की किसी समस्या की वजह से ऐसा हो सकता है। घर का कोई सदस्य जैसे माँ और बहन जिन्हें इस तरह की समस्या हो वे आपका दिमाग भी खराब कर सकते हैं।
व्यक्तित्व की समस्या
आज सारी दुनिया में दिखावट की काफी ज़्यादा मांग है। हर क्षेत्र में चाहे वो मनोरंजन हो या फिर व्यवसाय,आपकी सुंदरता और व्यक्तित्व को ही ज़्यादा परखा जाता है। अगर आप इस बीमारी के शिकार हैं तो आपको खुद से नफरत हो जाएगी। कभी कभी व्यक्तित्व में असमानताओं की वजह से चीज़ें काफी मुश्किल हो जाती हैं।
संस्कृति
कुछ देशों में महिलाओं को सुंदरता की एक अजीब परिभाषा का शिकार होना पड़ता है। क्योंकि लोग ज़्यादातर ही परदे पर या आसपास खूबसूरत महिलाओं को देखते हैं,अतः जो महिलाएं ज़्यादा सुन्दर या आकर्षक नहीं होती हैं उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वे इससे तनाव में आ जाती हैं और सुन्दर दिखने की काफी कोशिशें करती हैं। यह भी एनोरेक्सिया का काफी बड़ा कारण है।
एनोरेक्सिया के उपचार
जो लोग एनोरेक्सिया के शिकार होते हैं उनके घरवाले उन्हें लेकर काफी चिंतित रहते हैं तथा यह जानना चाहते हैं कि एनोरेक्सिया के शिकार रोगी कभी ठीक होते भी हैं या नहीं। अगर आप किसी डॉक्टर से अच्छे से अपना इलाज करवाते हैं तो इस बीमारी से उबरना काफी हद तक मुमकिन है। डॉक्टरों का दल मरीज़ को उसके सामान्य स्तर तक ले आने की पूरी कोशिश करता है। मरीज़ के विचारों एवं उसके व्यक्तित्व को बातचीत द्वारा सुधारने का प्रयास किया जाता है जिससे कि वे आतंरिक रूप से बेहतर महसूस कर सकें। अगर यह बीमारी किसी तरह से मरीज़ की मानसिक अवस्था से जुडी हुई है तो इस स्थिति को किसी मनोवैज्ञानिक की मदद से सुलझाया जा सकता है।
कुछ लोग रोज़ाना तनाव दूर करने वाली दवाइयाँ खाने से भी ठीक होते हुए देखे गए हैं। इन्हें मूड को स्थिर करने वाला भी कहा जाता है तथा पीड़ित व्यक्ति को ये हमेशा अच्छा महसूस करवाते हैं। यह साबित हो चुका है कि जिन लोगों को मूड एवं तनाव सम्बन्धी समस्याएं होती है तो उन्हें इन तनाव दूर करने वाली एवं अन्य दवाइयों से पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। पर आप कोई भी दवाई खाने से पहले डॉक्टर से संपर्क अवश्य करें। कुछ दवाइयों का मरीज़ों पर विपरीत असर भी होता है।
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