
बंगाली चने के स्वास्थ्य लाभ
एनर्जी बूस्टर
मधुमेह
बंगाल ग्राम का यह सबसे अच्छा गुण है की वह शरीर की ताकत बढ़ाता है जिससे अधिक ग्लूकोज को अवशोषित करने की क्षमता बढ़ती है| यह मधुमेह रोगियों के लिए काफी अच्छा और गुणकारी साबित होता है| यह शरीर की सहनशीलता, ग्लूकोज़, खून में शक्कर की मात्रा और कुछ सामान्य स्थितियों में सुधार लाता है|
पाचन प्रणाली
यदी आपका पाचन तंत्र सही नहीं है, तो यह अपच, बदहजमी, उल्टी और दस्त आदि जैसे कई समस्याएं पैदा करता है, बंगाली चना पाचन को बल देने की क्षमता रखता है।
कब्ज
रात भर के लिए मुट्ठीभर चने को पानी में भिगो कर रखे, फिर उसमे से चने निकाल कर उसमे अदरक पाउडर और जीरा मिलाकर खा ले| आप वह पानी भी पी सकते है जिसमे से आपने चने अलग किये है, इससे कब्ज की समस्या कम होती है|
एनीमिया का इलाज
आपको आयरन की कमी की वजह से एनीमिया हो, तो शहद के एक चम्मच के साथ चने का रस मिलाएँ। बंगाल ग्राम आयरन प्रोटीन से उपयुक्त होता है और आपकी समस्या को कम करता है।
पथरी नियंत्रण
बंगाली चने ले और उसमे शहद को मिला कर रात भर रखे। इस आहार को नियमित रूप से खाने से गुर्दे और मूत्राशय में गठित पथरी को बाहर निकाला जा सकता हैं। बंगाली चने और गेहूं के आटे से बनी रोटियां खाने से भी शरीर में पत्थरों को हटाने में मदद मिलती है व पथरी की समस्या दूर होती है|
चेहरे की देखभाल
बंगाली चना मुँहासे, दाने, जिल्द की सूजन, एक्जिमा और खुजली जैसे त्वचा की समस्याओं का इलाज करने के लिए जाना जाता है। बंगाली चने से यह सब समस्याओ का इलाज करना हो तो दूध या दही के साथ बंगाली चने पाउडर को मिलाएं और जहाँ समस्या है वहा लगाये|
अगर यही पेस्ट आप अपने बालो में तथा सिर पर लगाते है तो यह मजबूत बाल प्रदान करता है और बालो का गिरना भी कम कर देता है|
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