राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के मुताबिक देशभर में साल 2014 के दौरान लगभग 12,000 किसानों ने आत्महत्या कर ली. देश के प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन का कहना है कि “लोकतांत्रिक देश में अकाल जैसी परिस्थितियां नहीं पनप पाती”. लेकिन जिन लोगों के सगे-संबंधी अपनी खेती-बाड़ी, कर्ज और अनेक विकट परिस्थितियों के चलते जान दे चुके हैं, उनके परिवार के लिए क्या ये परिस्थितियां किसी अकाल से कम हैं?
सवाल ही सवाल...
ये तो सवाल था, लेकिन यही विपदा है कि किसानों के आत्महत्या करने संबंधी मामले में हमारे पास सवाल बहुत हैं, पर मुक्कमल जवाब बहुत कम. कई रिपोर्टों में बात सामने आई है कि इसके पीछे लगातार बिगड़ते वातावरण का योगदान है, लेकिन क्या सरकार आत्महत्याओं को रोकने के लिए कोई पहल कर रही है? बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए क्या वाजिब उपाय निकाले जा रहे हैं? जनसंख्या को नियंत्रण करने के लिए क्या कोई कदम उठाये जा रहे हैं?
जन वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उन लोगों तक पहुंच भी नहीं पा रहा है असल में जो उसके हकदार हैं. अब फ़िर से कुछ सवाल मुंह बाए खड़े हैं और जवाब नदारद है.
जन वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उन लोगों तक पहुंच भी नहीं पा रहा है असल में जो उसके हकदार हैं. अब फ़िर से कुछ सवाल मुंह बाए खड़े हैं और जवाब नदारद है.
किसान की दिक्कत एक किसान ही समझता है
भारतीय सिनेमा में अपने अक्खड़ अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटेकर ने किसानों की आकांशाओं को एक आस दी है. अपने एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि “एक अभिनेता होने से पहले मैं एक किसान हूं.” हाल ही में भयावह आर्थिक हालातों के चलते आत्महत्या करने वाले किसानों की 180 विधवाओं को नाना ने 15-15 हज़ार रुपये की मदद दी है.
मुझे फ़ोन करें
अपनी बात को बड़ी सचेतता से कहते हुए नाना पाटेकर ने कहा कि “बारिश के न आने के कारण किसान को दुबारा फसल बोनी पड़ती है, इसी के चलते अतिरिक्त खर्चे और मेहनत से उसे जूझना पड़ता है. मुझ से जितना हो सकता है मैं आपकी मदद के लिए तैयार हूं.” बात यहीं खत्म नहीं हुई उन्होंने किसानों से कहा कि “आत्महत्या करने से पहले मुझे फ़ोन करें.”
बिजली-पानी होना चाहिए मुहैया
गौरतलब है कि जब नाना पाटेकर फ़िल्में नहीं करते तो अपने फ़ार्म हाउस में खेती-बाड़ी करते हैं. नाना पाटेकर का कहना है कि “वर्तमान समय में किसान को बिजली और पानी के अतिरिक्त और कुछ नहीं चाहिए, आप उसे ये मुहैया करवाईये वो आपको ज़मीन से सोना (अनाज) निकाल कर देगा.”
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