मोटापा हमारे जीवन का सबसे बड़ा अभिशाप है। आज के दौर में हम सभी स्वस्थ और चुस्त रहना चाहते हैं, अतः अत्याधिक मोटे लोग खुद को समाज में ढाल नहीं पाते। मोटापे से शरीर कई तरह की बीमारियों से भी ग्रसित होता है, जो प्राणघातक भी हो सकता है। मोटापे के हमारे जीवन में कई नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं, जो कि शारीरिक से लेकर मनोवैज्ञानिक भी हो सकते हैं। आइये हमारे ऊपर मोटापे से होने वाले कुछ नुकसानों पर एक नज़र डालें : –
सांस लेने में परेशानी
मोटे लोगों को सांस लेने में काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। ज़्यादा चर्बी छाती की गतिशीलता को प्रभावित करती है तथा शरीर के मध्य भाग को नीचे आने की जगह नहीं मिलती है। इसके अलावा फेफड़ों में भी कई बार चर्बी जम जाती है और इससे ऑक्सीजन का आना कम हो जाता है। ऐसे लोगों को सामान्य काम करने में काफी परेशानी होती है।
चलने में समस्या
मोटे लोगों को चलने में भी कठिनाई होती है। अतिरिक्त वज़न से पृष्ठ भाग, कोहनियों तथा पैरों पर खराब असर पड़ता है। मोटापे की वजह से ऑस्टिओआर्थरिटिस होता है जिसके अंतर्गत जोड़ों की हड्डियों का टूटना शुरू हो जाता है।
दिल की बीमारी
मोटापे से शरीर की रक्त वाहिनियों में रक्त संचार में परेशानी, रक्त का ना जाना आदि समस्याएं हो सकती हैं। अतिरिक्त चर्बी से दिल, फेफड़ों तथा अन्य अंदरूनी भागों पर बुरा असर पड़ता है। मोटे व्यक्तियों को दिल की बीमारियों और दिल के दौरे पड़ने की काफी संभावना रहती है।
पीठ का दर्द
ज़्यादातर मोटे लोगों को पीठ के दर्द की समस्या सताती है। ज़्यादा वज़न होने से बिना दर्द के शरीर को हिलाने के लिए पीठ ज़्यादा टेढ़ी करनी पड़ती है। काइरोप्रैक्टर एवं डॉक्टर,जो पीठ दर्द की समस्या के बारे में जानते हैं, के अनुसार इसका उपाय है वज़न घटाना तथा पेट की मांसपेशियों में कसावट लाना।
निराशा का भाव आना
ज़्यादा मोटे लोगों को अपनी अवस्था का पता होता है, अतः उनके मन में निराशा का भाव उत्पन्न हो जाता है। इसके कई कारण हो सकते हैं, पर शरीर के प्रति अरूचि, खुद को अनाकर्षक समझना, समाज में खुद को अलग थलग महसूस करना, कोई साथी न मिलना आदि मुख्य कारण हो सकते हैं।
मधुमेह की संभावना
मोटापे की वजह से टाइप २ मधुमेह की भी संभावना हो सकती है। व्यायाम न करने और अधिक मोटे हो जाने की वजह से मधुमेह हो सकता है।
पैरों की समस्या
अतिरिक्त भार के बोझ के तले पैरों पर काफी बुरा असर पड़ता है। इससे कई तरह की समस्याएं भी जन्म ले सकती हैं। मोटापे की बीमारी के फलस्वरूप तलवों की हड्डी पर असर पड़ सकता है तथा एड़ियां सपाट हो सकती हैं। आमतौर पर ऐसी समस्याएं मधुमेह के साथ आती हैं, और अगर इनपर ठीक तरह ध्यान ना दिया गया तो पैर काटने भी पड़ सकते हैं।
मोटी ठुड्डी और ढीली त्वचा
मोटापे के साथ आती है झूलती हुई त्वचा तथा मोटी ठुड्डी। वज़न घटने के साथ ही ये अतिरिक्त चर्बी गायब हो जाती है। ज़्यादातर मोटे लोगों की त्वचा फूलती है, उनकी ठुड्डी ढीली पड़ती है और शरीर के अन्य भागों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
अधिक वजन और मोटापे के साथ जुड़े स्वास्थ्य प्रभाव
- केंद्र रोग
- टाइप 2 मधुमेह
- कैंसर (एंडोमेट्रियल, स्तन, और पेट)
- उच्च रक्तचाप (हमारा उच्च ब्लड प्रेशर)
- डिस्लीपीडेमिआ (उदाहरण के लिए, उच्च पूर्ण कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड्स की सम्भवत: उच्च मात्रा)
- स्ट्रोक
- लिवर और पित्ताशय की थैली की बीमारी
- स्लीप एपनिया और श्वसन मुद्दे भी
- ऑस्टियोआर्थराइटिस (उपास्थि और जोड़ों के ठीक नीचे की हड्डी में क्षय)
- स्त्रीरोग मुद्दे (असामान्य मासिक धर्म, बांझपन)
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