पानी
जैतून का तेल
जैतून के तेल का प्रयोग आप दोनों तरह से – भोजन में डालकर सेवन करके या फिर त्वचा पर लगाकर भी कर सकते हैं। इससे आपको झुर्रियों से मुक्ति मिलती है। इसे आप सलाद में मिला सकते हैं या फिर १ चम्मच जैतून के तेल को ब्राउन शुगर में मिलाकर मृत त्वचा हटाने के स्क्रब के रूप में भी इसका उपयोग कर सकते हैं। इससे आपकी त्वचा को नया निखार मिलेगा।
सनस्क्रीन
दोपहर की धूप में बाहर निकालकर त्वचा का संपर्क उस समय के सूरज से ना करवाएं। इस समय सूरज का तेज दिन के किसी भी समय की तुलना में काफी ज़्यादा होता है। अतः सुबह ९ बजे से दोपहर के ३ बजे के बीच कहीं निकलने पर त्वचा का ज़्यादा ध्यान रखें। त्वचा की सही देखभाल के लिए अच्छा सनस्क्रीन इस्तेमाल करें। ऐसा सनस्क्रीन चुनें जिसमें uva और uvb दोनों की मात्रा हो और जिसमें spf की मात्रा १५ या उससे ज़्यादा हो। हालांकि कई लोगों के अनुसार सुबह सुबह या फिर शाम के वक़्त सनस्क्रीन नहीं लगाना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा को विटामिन डी का उत्पादन करने में मुश्किल होती है। यह शरीर के लिए काफी ज़रूरी विटामिन है तथा स्किन कैंसर को रोकने में काफी कारगर है।
को एंजाइम क्यू १०
रोज़ाना १०० से ३०० मिलीग्राम को एंजाइम क्यू १० का सेवन करें। को एंजाइम क्यू १० शरीर में एंटी ऑक्सीडेंट का काम करता है और त्वचा को सूरज के संपर्क में आने के फलस्वरूप हो सकने वाले खतरों से बचाता है।
कोन्ड्रॉइटिन सलफेट
समय से पहले आने वाली झुर्रियों को रोकने के लिए रोज़ाना १००० ग्राम कोन्ड्रॉइटिन सलफेट का सेवन करें। यह ३५ साल की उम्र से पहले चेहरे पर आने वाली झुर्रियों को रोकता है। कोन्ड्रॉइटिन त्वचा की कोशिकाओं की बढ़त में मदद करता है और शरीर की चयापचय प्रक्रिया को दुरुस्त रखता है। इससे त्वचा में नमी बनी रहती है।
विटामिन ए, सी और इ
विटामिन ए, सी और इ त्वचा के स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी हैं। आप इन विटामिन्स एवं ऑक्सीडेंट्स को नींबू, संतरे, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, रास्पबेरी और अन्य प्रकार के जामुनों से प्राप्त कर सकते हैं।
अच्छी नींद
सही प्रकार से अच्छी नींद सोने से कई समस्याओं का समाधान हो सकता है। सोने से झुर्रियों के पैदा होने में काफी परिवर्तन आता है। जब हम सोते हैं तब हमारा शरीर ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन नामक हार्मोन छोड़ता है जो कि शरीर के हर टिशू, जिसमें त्वचा भी शामिल है, की बढ़त के लिए काफी आवश्यक है। अगर आपकी नींद पूरी नहीं हो रही है तो इसके फलस्वरूप कोर्टिसोल नामक एक तनाव का हॉर्मोन शरीर से निकलता है। यह हॉर्मोन ह्यूमन ग्रोथ हॉर्मोन के बिलकुल उलट काम करता है और टिशू की बढ़त में समस्याएं उत्पन्न करता है। इससे त्वचा रूखी हो जाती है जिससे संक्रमण, सूरज की रौशनी से समस्या तथा झुर्रियों की समस्याएं हो सकती हैं।
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