किशोर अवस्था में होने वाले शारीरिक बदलावों के बारे में जानने के लिए इस उम्र की लड़कियों और लड़कों में बढ़ी उत्सुकता होती है । 10 से 18 वर्ष के बीच की यह अवस्था से सभी गुज़रते हैं और हम सब जानते हैं कि इस उम्र में बहुत सारे ऐसे सवाल होते हैं जिनके जवाब जानने की बड़ी उत्सुकता होती है अगर इन सवालों के जवाब सही तरीके से मिल जाएँ तो सब कुछ सामान्य लगने लगता है।
इस उम्र में लड़कों और लड़कियों के मन में उठनेवाले प्रश्न
स्वप्नदोष क्या है ?
पुरुष का शरीर प्रतिदिन वीर्य का निर्माण करता है, किशोर अवस्था में जब गहरी नींद में लड़के रात में सोते हैं तो अपने आप उनके लिंग से वीर्य निकल जाता है, इस प्रक्रिया को स्वप्नदोष कहा जाता है ।
सामान्य साइज़ क्या है ?
अक्सर इस उम्र में लड़कों के मन में सवाल होता है कि उनके लिंग की लम्बाई सही तो है न और इसीलिए लड़के अक्सर हस्तमैथुन करने लगते हैं । लिंग की सामान्य लम्बाई 3 से 4 इंच होती है ।
मासिक चक्र क्या है ?
महीने में एक बार योनि के द्वारा खराब हुये खून को बाहर निकाला जाता है जो 3 से 4 दिन तक चलता है इसे मासिक चक्र कहा जाता है लड़कियों में यह अधिकांशतः 12 से 14 की उम्र में शुरू हो जाता है ।
स्तनों का आकार कितना होना चाहिये ?
लड़कियों में इस प्रश्न को लेकर बड़ी उत्सुकता होती है लेकिन स्तनों का आकार उनकी आनुवंशिकता पे निर्भर करता है ।
किशोरों से बातचीत करने के लिए बेसिक टॉपिक्स
सेक्स के टॉपिक पर किशोरों से बात करना माता पिता के लिए वाकई मुश्किल काम होता है पर उनसे इस टॉपिक में बातचीत बहुत ज़रूरी भी होती है । जब भी बच्चे से इस टॉपिक पर बात करें तो ऐसे स्थान को चुने जहाँ शांति हो और माहौल को हल्का बना कर रखें । आप इस टॉपिक को कुछ स्नेक्स के साथ भी बैठकर डिस्कस कर सकते हैं । बच्चे को खासकर लड़कियों को शरीर में होने वाले बदलावों और विपरीत लिंग के प्रति होने वाले आकर्षण को एक सामान्य प्रक्रिया के रूप में समझाएं साथ ही उन्हें यह बताएं कि समाज में सब कुछ बदला जा सकता है पर अगर इज्ज़त चली गयी तो उसे नहीं बदला जा सकता । उन्हें इस उम्र में होने वाले इमोशन्स, और प्यार और आकर्षण के अंतर के बारे में भी समझाएं ।
बर्थ कंट्रोल
यह एक और ख़ास टॉपिक है जिसे टीन एजर्स के साथ डिस्कस किया जाना चाहिये साथ ही उन्हें प्रेगनेंसी को रोकने के तरीकों और कंडोम तथा गर्भ निरोधक गोलियों के स्तेमाल के बारे में भी जानकारी दी जानी चाहिये ।
यौन संक्रमित रोग (एस.टी.डी.) का ज्ञान
एस टी डी से होने वाले नुकसान, इनसे बचने के तरीके और इनके प्रभाव और इलाज इन सब बातों का ज्ञान भी किशोरों को दिया जाना चाहिये ।
किशोरों की उत्सुकता और यौवन
यौवन के प्रति किशोरों के मन में उठने वाली उत्सुकता इस बात का प्रमाण होती है कि अब उनके शरीर में यौवन अवस्था शुरू हो चुकी है । इस अवस्था में बच्चे जिद्दी हो जाते हैं, बात नहीं मानते, जवाब देने लगते हैं, बात बात पर गुस्सा करते हैं । पर इस सब के लिए बच्चे को दोष देने की नहीं बल्कि इस बात को समझने की ज़रूरत होती है कि बच्चे में यौवन की शुरुआत हो रही है । इस उम्र में उनके दिमाग में कई तरह के सवाल उठते हैं जिनके समाधान जानने के लिए वे बड़े उत्सुक होते हैं । माता पिता को उनसे बात करके उनके प्रश्नों का समाधान किया जाना चाहिये ।
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