भोजन में मौजूद हर विटामिन तथा खनिज तत्व शरीर को पोषण देने में काफी सहायक सिद्ध होता है।विटामिन बी १२ एक ऐसा विटामिन है जो मनुष्यों की स्मरणशक्ति को बढ़ाता है। अगर किसी मनुष्य के शरीर में विटामिन बी १२ की कमी है तो इससे उन लोगों के मस्तिष्क पर असर पड़ेगा जो युवावस्था पार करके बुढ़ापे में प्रवेश कर चुके हैं। एक शोध के अनुसार ज़्यादातर लोग, जिनके शरीर में विटामिन बी १२ की कमी थी, एक ज्ञानात्मक परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो पाए। उनके दिमाग की mri करवाने पर उसका वज़न भी कम निकला।
उम्र बढ़ने के साथ ही एक मनुष्य की काम करने की क्षमता तथा मस्तिष्क की प्रबलता कम होती जाती है। क्योंकि इनके शरीर में विटामिन बी १२ की कमी होती है अतः इनपर इसका खराब असर पड़ता है।
वैसे तो विटामिन बी १२ की कमी से हर मनुष्य के स्वास्थ्य पर खराब असर पड़ता है परन्तु उम्रदराज लोगों पर इसका असर कुछ ज़्यादा ही पड़ता है। अतः इस कमी के बारे में आपको जानकारी होनी चाहिए। शरीर में विटामिन बी १२ की कमी के कुछ लक्षण होते हैं जो कि निम्नलिखित हैं:-
१. चलने में असुविधा
२. त्वचा का पीला पड़ना
३. हाथ तथा पैरों में अजीब सी सनसनी का अनुभव
४. ज्वलनशील और सूजी जीभ
५. थकान
६. मतिभ्रम
७. सोचने समझने में परेशानी
८. याददाश्त खोना
अगर आपके मन में अपने शरीर में विटामिन बी १२ की कमी को लेकर दुविधा है तो आपको एक अच्छे डॉक्टर को दिखाने की आवश्यकता है। वो आपको शारीरिक जांच एवं रक्त की जांच करने के लिए कहेंगे जिससे कि वो आपकी स्थिति अच्छे से समझ पाएं। अगर आपने इसका इलाज जल्द नहीं किया तो काफी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
विटामिन बी १२ का स्तर
अलग अलग उम्र वर्ग के लोगों को अलग अलग मात्रा में विटामिन बी १२ की आवश्यकता होती है। अगर आपकी उम्र ५० से ज़्यादा है तो आप जवानों जितनी विटामिन की खुराक का सेवन नहीं कर पाएंगे। अगर आप शुद्ध शाकाहारी हैं तो आपका बी प्रोएक्टिव स्तर अलग होगा। आप डॉक्टर की सलाह के बाद प्रोटोन पंप इन्हिबिटर भी ले सकते हैं। अगर आपने वज़न घटाने की शल्य चिकित्सा करवाई है तो आपके भोजन करने की क्षमता अलग होगी। ऐसी स्थिति में अपने डॉक्टर से सलाह करें और विटामिन बी १२ की पर्याप्त मात्रा लें। क्योंकि शाकाहारी लोग विटामिन बी १२ युक्त मांसाहारी भोजन ग्रहण नहीं करेंगे, अतः उन्हें ब्रेड, अनाज और दालों का सेवन करना चाहिए। आप रोज़ाना विटामिन बी १२ की गोलियां भी ले सकते हैं जिससे आपके शरीर में उस विटामिन की कमी पूरी होगी। आप मल्टी विटामिन की गोलियां भी ले सकते हैं जो कि आसानी से दवाई की दुकानों पर उपलब्ध हो जाती हैं। इनमें ६ माइक्रोग्राम विटामिन होता है जो शरीर की ज़रूरतें पूरी करने के लिए काफी होता है।
जैसे ही आप ५० की उम्र तक पहुँचते हैं, वैसे ही डॉक्टर आपको सामान्य से अधिक विटामिन बी १२ का सेवन करने की हिदायतें देते हैं।उम्र कम होने पर आप आसानी से अपनी विटामिन की ज़रूरतें अपने भोजन से पूरी कर सकते हैं। पर उम्र बढ़ने के साथ साथ खाने से पोषक पदार्थ सोखने की हमारी क्षमता कम होती जाती है। अतः ऐसी स्थिति में विटामिन की गोलियों से अपना काम चलाना चाहिए।
विटामिन बी १२ का महत्त्व
विटामिन बी १२ हमारे शरीर के लिए काफी महत्वपूर्ण है तथा यह हमारे तंत्रिका तंत्र को सुचारू रूप से चलाने में काफी सहायक होता है। इसकी कमी से शरीर काफी कमज़ोर हो जाता है। इस विटामिन को अपने भोजन में शामिल करने से आप चिड़चिड़ेपन, निम्न रक्तचाप, तनाव, असमान चाल, कंपकंपाहट आदि लक्षणों से बच सकते हैं। अगर व्यस्कों में विटामिन बी १२ की मात्रा २५० पिकोग्राम से कम हो गयी है तो इसका मतलब है कि आप विटामिन बी १२ की कमी से पीड़ित हैं। इस स्थिति में शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए विटामिन्स की पर्याप्त मात्रा दी जानी चाहिए।
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