नाक में होनेवाली गठिया कई लोगों में पाई जाती है| यह नाक की अंदरूनी जगह में होती है| जो लोग इससे परेशान होते हैं उनके नाक में हमेशा जेली की तरह कुछ पदार्थ पाया जाता है| इसके कारण नाक में रूकावट, दर्द और सुजन होती है| यह गठिया कर्करोग का लक्षण नहीं होता पर इस समस्या के कारण लोगों के जीवन पर काफी असर होता है|
नाक में गठियां कैसे बनते हैं?
नाक में गठिया होने का कारण अतिरिक्त श्लेष्मा के रिसाव का परिणाम होता है। यह श्लेष्मा जमकर आकार में बढ़कर तकलीफ देता है| कुछ लोगों को स्टेरॉयड लेकर राहत मिलती है| इसका उपाय न किया जाए तो नाक को नुकसान हो सकता है|
नाक की गठिया पर घरेलु उपाय
अगर आपको दवाई से राहत न मिलती हो तो कुछ घरेलु पदार्थों का उपाय के रूप में इस्तेमाल करके देखें| कुछ ऐसे उपाय निचे दिए गए हैं|
लहसुन
लहसुन प्राकृतिक रूप में मसाले का घटक है जो अनेक रोगों के लिए उपाय के रूप में काम करता है| इसमें सुजनरोधक और कीटाणुरोधक गुण होते हैं| लहसुन के इस्तेमाल से नाक में जमी हुई श्लेष्मा घुल जाती है| लहसुन के एंटीऑक्सीडेंट गुण हर प्रकार के संक्रमण को दूर करते हैं|
सिंहपर्णी
नाक की गठिया को रोकने के लिए सिंहपर्णी का हर रोज उपयोग कर सकते हैं। इसमें विटामिन सी की उच्च मात्रा होती है जो बलगम को कम करने में मदद करती है। इसके अन्य पोषक तत्व नाक के गठिया के उपाय में प्रभावी है और नाक के वायुमार्ग को खोलते हैं|
हल्दी
हल्दी प्राकृतिक रूप में पाई जानेवाली औषधी है जिसके अच्छे रोगाणुरोधक गुण हैं| इसमें कई प्रकार के रोगों का उपाय करने के गुण हैं| इसके सुजनरोधक गुण नाक की गठिया का उपाय करने में मदद करते हैं| इसके नाक का मार्ग खोलने के गुणों की वजह से हल्दी प्राकृतिक रूप में अच्छी तरह से काम करता है|
नाक में जो श्लेष्मा बढती है उसका हल्दी के अद्भुत गुणों की वजह से इस्तेमाल करके उपाय किया जाता है| हल्दी के इस्तेमाल का एक सही तरीका होता है| १ छोटा चम्मच हल्दी को गरम दूध में मिलाकर लें| हर दिन सुबह एक बार और रात में एक बार यह दूध लें| इस उपाय से नाक की गठिया का आकार कम होता है और राहत मिलती है|
टी ट्री का तेल
अगर नाक की गठिया आकार में बढती हो तो टी ट्री का तेल इसका आकार कम करने में मदद करता है| यह तेल इतना असरदार है के इसे इस्तेमाल करने के बाद नाक की गठिया दुबारा नहीं होता है| इस तेल में कीटाणुरोधक और सुजनरोधक गुण होते हैं जिस कारण किसी भी प्रकार के संक्रमण से लड़ना संभव होता है| अगर आपको नाक में गठिया हो तो यह तेल इस्तेमाल करना अद्भुत उपाय है| कपास से थोडा तेल नाक के अंदर उस जगह पर लगाएं जहाँ पर वायुमार्ग अवरोधित होता है|
खारा पानी
नमक इस्तेमाल करके नाक की गठिया का उपाय किया जा सकता है| पानी में नमक घोलकर गठिया की जगह पर लगाएं| इसे इस्तेमाल करने से सुजन कम होती है| खारे पानी से सुजन और अवरोध का अद्भुत रूप में उपाय होता है|
सहिजन और शहद
सहिजन साइनस के इलाज में अद्भुत प्राकृतिक औषधी के रूप में इस्तेमाल होता है| इसके कीटाणुरोधक गुण नाक के वायुमार्ग को खोल देते हैं| कुछ लोगों को इसकी तीव्र गंध से तकलीफ हो सकती है| इस गंध को सहन करने के लिए इसमें शहद मिलाकर साइनस का उपाय किया जा सकता है|
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