
स्वास्थ्य के लिए तुलसी एक धार्मिक पौधा है | यह धार्मिक पौधा भारतीय घरों के आँगन मे लगता है जिससे की घर मे ताज़गी आती है और वातावरण को उत्तेजित करता है | तुलसी युगों से आयुर्वेद में घाव को ठीक करने के काम मे लाई जाती है | तुलसी भारत में भारी मात्रा में उगाई जाती है |
तुलसी क्या है ?
हिंदू द्वारा यह पौधा तुलसी से नाम से जाना जाता है और दुनिया के पश्चिमी भाग में इसे धार्मिक तुलसी के नाम से जाना जाता है | यह पौधा आकार में छोटा होता है और इसमें कई शाखाएँ होती है | इसके नाम से पौधे का मतलब पता चलता है – ‘अतुलनीय पौधा’ और इसकी पत्तियाँ ज़्यादातर हारे रंग की होती है . हरी पत्तियों को राम तुलसी कहा जाता है और लाल पत्तियों को श्याम तुलसी कहा जाता है | आपको चाय , जूस और सूखी पत्तियाँ चूर्ण के रूप में मिलेंगी | आप बेहतर और जल्दी उपाय के लिए हरी पत्तियाँ भी चबा सकते है |
तुलसी शामिल स्वास्थ्य लाभ
- साँस की बीमारियों मे सहायक : तुलसी को खाने से साँस संबंधित बीमारियों मे राहत मिलता है | तुलसी को शहद या अदरक के साथ मिलकर ले नज़ला , अस्थमा जैसे बीमारियों मेी सहायक करेगा | तुलसी की पत्ती चबाने से सर्दी , जुखाम मे राहत मिलेगी|
- मलेरिया के साथ यह डेंगू बुखार को भी रोकता है |
- परेशानी कम करता है : १०-१२तुलसी चबाने से परेशानी कम होती है |
- गुर्दे की अच्छी तरह से देखभाल करता है : अगर आपको गुर्दे की कोई समस्या है, आप तुलसी का रस और शहद को मिला कर ले सकते है| यह गुर्दे से पथरी निकालने में भी सहयता करेगा | तिलसी के पत्ते का नियमित सेवन करने से शरीर की यूरिक एसिड भी कम हो जाएगी |
- पेट की परेशानी : हवा गठन को निकालना ,एसिड द्वारा हो रहे दर्द से देखभाल करना , क़ब्ज़ के साथ अम्लता के स्तर में कमी करना पेट की अन्य बीमारी में भी लाभ पहुँचाता है |
- मौखिक गुहा नासूर : तुलसी की पत्ती चबाने से मूह के नासूर से नीज़ात पाया जा सकता है | इसके विरोधी बैक्टेरियल गुण नासूर को ठीक करने में काम आते है |
- दाँतों की रक्षा : तुलसी का रस भी मुँह में बैक्टेरिया रखेंगे | वह दाँतों को स्वस्थ रखता है और मुँह में ताज़गी बनाए रखता है |
- हैजा के इलाज में मदद करता है |
- याद्दाश्त बढ़ता है |
- सिरदर्द में राहत : चंदन और तुलसी का मिश्रण माथे पर लगाने से सिरदर्द में तेज़ी से राहत प्राप्त होती है |
- खाँसी : तुलसी बहुत सी आयुर्वेदिक खाँसी की दवाइयों और सिरप का मुख्य घटक है | तुलसी की पत्ती चबाने से सर्दी और जुखाम ठीक हो जाते है |
- गले में खराश : अगर आप गले की खराश से पीड़ित है तो पानी में तुलसी की पत्ती उबाल कर पिए | यह पानी से गरारा भी कर सकते है |
- तनाव : तुलसी के पत्ते विरोधी तनाव एजेंट के रूप में माने जाते है | तनाव को रोकने के लिए दिन में दो बार १०-१२ तुलसी की पत्ती चबाएँ | यह रक्त को सॉफ भी करेगा और कई तत्वो को रोकने में मदद भी करेगा |
- नेत्र विकारों : तुलसी का रस पीड़ादाई आँखों के लिए और रतौंधी के लिए एक सही उपाय है | विटामिन ए की कमी से ये बीमारी होती है | रात में सोने से पहले तुलसी के रस की २ बूंदे आँखों में डालें |
- तुलसी सिर्फ़ स्वास्थ लाभ नही देता बल्कि वह चेहरे पर चमक लाता है और बालों को स्वस्थ्य रखता है | यह त्वचा को मुहाँसे होने से बचाता है | इसके अलावा यह खोपड़ी की खुजली को कम करने में मदद करता है और बाल को झड़ने से रोकता है |
0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें