
बॉडी स्प्रे का प्रयोग करने के समय हर व्यक्ति आकर्षक लगने की भी कोशिश करता है और दूसरों को अपने स्प्रे की सुगंध से प्रभावित करने का भी प्रयास करता है। ज़्यादा मात्रा में खुशबू से लोगों को काफी परशानी का सामना करना पड़ सकता है जैसे खुजली, कोई अन्य एलर्जी या सांस लेने में तकलीफ। हमेशा काफी कम मात्रा में स्प्रे अपने शरीर पर छिड़कें क्योंकि एक तो ये खुशबू ज़्यादा देर रहती नहीं है अतः लम्बे समय तक प्रयोग करने के लिए बेहतर यही होगा कि आप इसका कम मात्रा में प्रयोग करें। खुद की पसंदीदा सुगंध चुनें और इस बात का भी निर्णय लें कि आपको इसका प्रयोग कब करना है। नीचे बॉडी स्प्रे लगाने के कुछ कारगर तरीके बताए गए हैं।
१. अपना शावर जेल या साबुन उसी सुगंध का चुनें जिस सुगंध का आपने स्प्रे लिया है। इससे शरीर में एक ही प्रकार की सुगंध रहेगी और काफी लम्बे समय तक रहेगी।
२. बॉडी स्प्रे का प्रयोग करते समय स्प्रे को शरीर से कम से कम ६ इंच की दूरी पर रखें। कई तरह की परफ्यूम स्प्रे की तुलना में ज़्यादा तेज़ असर करती है अतः इस परफ्यूम को काफी कम मात्रा में प्रयोग में लाएं। कोहनियों से हलके से बगल को सहला लें। अगर आप बाहर जाने के लिए तैयार हो रहे हैं तो एक ऊँगली की मदद से स्प्रे को शरीर में अच्छे से लगा लें।
३. स्प्रे लगाकर तुरंत कपडे न पहनें बल्कि स्प्रे को सूखने का अवसर दें।
४. स्प्रे लगाने के बाद अच्छे से हाथ धो लें जिससे कि किसी से हाथ मिलाते समय या चेहरे पर हाथ देते समय स्प्रे की महक फ़ैल ना जाए।
५. बीट डिटेल्स में काफी सावधानी से स्प्रे लगाएं। बीट डिटेल्स शरीर के वो भाग होते हैं जहां पर रक्त संचार की जगह शरीर से बिलकुल पास होती है। ये भाग आपको गर्मी प्रदान करते हैं जिससे आपके स्प्रे की सुगंध को हवा में घुलने का अवसर मिले। अंधाधुंध सारे शरीर के भागों पर स्प्रे लगाने की बजाय सही जगह पर स्प्रे लगाएं। ये सही जगहें हैं कलाई, जोड़ों के अंदरूनी भाग, उरोस्थि, बाइसेप्स एवं ट्राइसेप्स के पास, कोहनियों के नीचे, गले में आदि। इन सारे भागों पर एक साथ स्प्रे का प्रयोग ना करें, बल्कि इनमें से कुछ भागों पर ही एक बार में स्प्रे का प्रयोग करें। कलाइयों पर स्प्रे लगाने के बाद कुछ देर तक तक उसे खुला छोड़ दें नहीं तो सुगंध दब जाएगी।
६. बॉडी स्प्रे का शरीर की सुगंध बढ़ाने के लिए प्रयोग होना चाहिए पर शरीर के पसीने और गन्दगी को छुपाने के लिए नहीं। खुद को साफ़ और तरोताज़ा रखें तो आपके शरीर से ऐसे ही काफी अच्छी महक आएगी। हमेशा काफी कम मात्रा में बॉडी स्प्रे का प्रयोग करें, पर इसका मतलब यह कदापि नहीं है कि आप निर्धारित मात्रा में भी स्प्रे न लगाएं।
अतिरिक्त मात्रा में स्प्रे लगाने से आपको शरीर में जलन महसूस होगी और अतिरिक्त सुगंध से दूसरों को भी परेशानी होगी।
७. किसी खुली जगह में होने पर संभलकर बॉडी स्प्रे लगाएं क्योंकि इससे आसपास के लोगों को समस्या हो सकती है।
८. खुद को एक हफ्ते का समय देकर अलग अलग समय में अलग अलग तरह के बॉडी स्प्रे का प्रयोग करें।
९. कभी भी चेहरे पर बॉडी स्प्रे न लगाएं क्योंकि इससे आपको जलन की समस्या तो होगी ही, पर इससे आपकी त्वचा सूखी हो जाएगी।
१०. बॉडी स्प्रे और डिओड्रेंट एक तरह के बिलकुल नहीं होते। पसीने को रोकने वाले डिओड्रेंट में एल्युमीनियम के यौगिक पदार्थ होते हैं, खासकर एल्युमीनियम कार्बोहाइड्रेट्स जो कि शरीर की नमी को कम करता है। बॉडी स्प्रे में इसके उलट पसीने को रोकने के कोई गुण नहीं होते। इसमें सिर्फ सुगंध होती है जिससे आपके शरीर से सुन्दर महक आए।
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