
शरीर की मरम्मत के लिये शरीर में बहुत से जीवाणु पाए जाते हैं जो शरीर के लिए उपयोगी भी होते हैं लेकिन जब इनकी संख्या आवश्यकता से ज्यादा होने लगती है तब उस स्थिति को जीवाणु संक्रमण कहते हैं । यह हर उम्र में कम या ज्यादा हो सकता है। साधारण रूप से होने वाले इन्फेक्शन को रोकने के लिये एंटीबायोटिक्स का प्रयोग किया जाता है जो दो तरह से कार्य करते हैं। पहला जीवाणुओं को मार कर और दूसरा इनके गुणन को रोककर ।
ज्यादातर एंटीबायोटिक्स के साइड इफेक्ट होते हैं और उल्टी, दस्त के साथ फंगल इन्फेक्शन जैसी समस्याएँ देखने को मिलती हैं और साथ ही इनका लगातार उपयोग करते रहने से शरीर पर इनका प्रभाव होंना बंद हो जाता है । इसलिये इन समस्याओं से बचने के लिए प्राकृतिक एंटीबायोटिक्स एक बेहतर विकल्प है । लहसुन और प्याज सबसे शक्तिशाली प्राकृतिक एंटीबायोटिक्स माने जाते हैं ।
जीवाणु संक्रमण को रोकनेके लिये प्राकृतिकएंटीबायोटिक्स
- अपने गुणों के कारण शहद एक बहुत अच्छा एंटीबायोटिक माना जाता है जिसे भोजन के रूप में या सीधे प्रभावी जगह पर लगाया जा सकता है । यह जीवाणुओं के गुणन को रोकता है और पेट के अल्सर जैसे रोगों में बहुत फायदेमंद होता है।
- एचिनासिया नाम का पौधा शरीर की रोगप्रतिरक्षण शक्ति बढ़ाता है बैक्टीरियल और वायरल इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करता है ।
- ह्रदय और फेफड़ों से सम्बंधित परेशानियों के लिए प्याज एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक औषधि है साथ ही यह सूजन को रोकने और रक्तसंचार को बेहतर बनाने में सहायता करता है ।
- भोजन का स्वाद बढ़ाने वाले प्रमुख तत्वों में से एक लहसुन अपने औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है । लहसुन में पाया जाने वाला इल्लिसिट नामक रसायन रक्त से कोलेस्ट्रोल के लेवल को घटाता है और रक्त दाब को नियंत्रित करता है । लहसुन का रस फ़ूड पोइज़िनिंग को भी ठीक करता है ।
- गुलाब जल आइसक्रीम और केक आदि में स्वाद और ख़ूबसूरती बढाने के लिए प्रयोग किया जाता है लेकिन इसके औषधीय गुण भी बड़े काम के हैं । यह त्वचा में जीवाणुओं के प्रवेश को रोकता है ।
- अंगूर के बीजो का रस टेबलेट, सिरप और भोजन सामग्री में उपयोग किया जाता है जो कि शरीर के रोगप्रतिरक्षण तंत्र को मज़बूत करता है और साथ ही इसमें मिलने वाले एंटीओक्सिडेंट रक्त में रेडिकल से सम्बंधित रोगों को दूर करता है । यह शरीर को स्वस्थ और सुन्दर बनाने में मदद करता है ।
प्राकृतिक एंटी बायोटिक्स के फ़ायदे
प्राकृतिक एंटी बायोटिक्स के प्रमुख फायदा यह है कि इसके साइड इफेक्ट नहीं होते । प्राकृतिक एंटी बायोटिक आम बीमारियों को बड़े आराम से ठीक कर देते हैं । मानव शरीर में दो तरह के जीवाणु होते हैं पहले वो जो शरीर के लिए हानिकारक होते हैं और दूसरे वो जो शरीर के लिए लाभ दायक होते हैं । एक एंटीबायोटिक वह यौगिक होता है जो शरीर से सभी तरह के कीटाणुओं को रोकता है । प्राकृतिक एंटी बायोटिक जीवाणुओं को मारता है और साथ ही शरीर की रोगों से लड़ने की शक्ति को बढ़ा देता है ।
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