आतंकवाद एक ऐसा शब्द है जिसे सुनने के बाद दिल दहल जाता है, एक ऐसा विचार जो कभी-कभी मानसिकता की उपज लगता ही नहीं. अमेरिका में हुए 9/11 वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के हमले से कौन परिचित नहीं है. एक निश्चित समय के बाद दो हवाई जहाज़ वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से टकराये और कईयों की ज़िंदगी थम गई.
दरअसल किसी हवाई जहाज़ या किसी इमारत के तले दब कर लोग नहीं मरे, बल्कि लोग मरे उसी भयानक शब्द... आतंकवाद से.
दरअसल किसी हवाई जहाज़ या किसी इमारत के तले दब कर लोग नहीं मरे, बल्कि लोग मरे उसी भयानक शब्द... आतंकवाद से.
इस लेख में हम आपको ऐसी तस्वीरें दिखा रहे हैं जिनको देखने के बाद पूरा विश्व रो उठा था, चीख उठा था.
1. उस दिन काला था आसमान
2. उड़ती ख्वाहिशें अभी दूर जाने वाली हैं
3. कुछ अरमान जब हवा में लटके
4. कतरे-सी ज़िंदगी उड़ गई

5. न मिली ज़मीन, न मिला आसमान
6. धूल ने लोगों को निगल लिया
7. चेहरे हो गये थे अनजान

8. हर किसी को अपनी बात पर रोना आया
9. ज़ेहन में जमी है धूल
10. ये दर्द का गुलदस्ता लिए जा रहे हैं
11. दिलासे देने का ही है मौसम
12. ऐसा सन्नाटा खुशी को खा जाता है
13. आग में झूलते रहे झंडे
14. दर्द बांटने से अकसर कम हो जाता है
15. सांसे थमने का ये मौसम था
16. बाहों में झूलता दर्द
17. तूफ़ान थम जाने के बाद की शांति
18. देश के झंडे तले मिलती है राहत

19. शायद वक़्त गहरी नींद सो गया है
20. न दिखा था उस दिन आसमां
21. रास्तों पर ही सो गये थे मुसाफ़िर
22. दिन में भी होती है रात
23. इन आंखों में तलाश है... बस तलाश
24. गिरते ख़्वाब...
25. जाने-पहचाने शहर में अनजान शख़्स
दोस्तों, हम दोष देने के अलावा और कर भी क्या सकते हैं! लेकिन अब दर्द समझने की पहल करनी होगी. इस आर्टिकल को शेयर करें, ताकि दर्द थोड़ा बंट सके.
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