समाज के विकास और अपने इतिहास को जानने के लिए किसी भी प्रकार की खोज हमारे लिए बेहद ज़रूरी होती है. ज़रा सोचिए सिंधुघाटी सभ्यता या डाइनासोर से जुड़ी खोजें अगर नहीं हुई होती तो शायद हम उनके बारे में जान नहीं पाते. हाल ही में वैज्ञानिकों ने दक्षिण अफ्रीका में इंसानों जैसी नई प्रजाति ढूंढने का दावा किया है. खोजकर्ताओं को गुफ़ाओं में बनी क़ब्रों में दफ़्न 15 कंकालों के अधूरे हिस्से मिले हैं. जिन्हें अलग-अलग उम्र के पुरुष, महिला, बुजुर्ग और शिशुओं का बताया जा रहा है. इसे अफ्रीका की अब तक की सबसे बड़ी खोज बताया जा रहा है.
‘ईलीफ़’ नामक जनरल में छपी रिपोर्ट से पता चलता है कि खोजी गई नई प्रजाति का नाम ‘नलेदी’ है और इनका वर्गीकरण, होमो समूह में किया गया है. मानव इसी समूह में वर्गीकृत किए जाते हैं.
खोजकर्ताओं की टीम का नेतृत्व कर रहे प्रोफ़ेसर ली बर्जर ने बीबीसी को बताया कि नई प्रजाति मानव के पूर्वज हो सकते हैं और उम्मीद है कि ये अफ्रीका में 30 लाख साल पहले तक रहे हों. बर्जर का कहना है ‘नलेदी’ को दो पांव पर चलने वाले प्राचीन नरवानर और मानव के बीच एक ‘पुल’ के तौर पर देखा जा सकता है.
प्रोफ़ेसर बर्जर के अनुसार, “हम प्रजाति के बारे में सब कुछ जान पाएंगे. हम ये जानेंगे कि बच्चों का कब जन्म हुआ, उनका विकास कैसे हुआ, किस गति से उनका विकास हुआ और शिशु के पैदा होने के बाद किसी पुरुष और महिला के बीच हर स्तर पर कैसे विकास हुआ”.
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