देखिये साहब, टॉयलेट का एक बहुत ही ख़ास उपयोग है- 'किये-कराये पर पानी फेरना'. आप अकलमंद हैं, समझ ही गए होंगे. लेकिन हर चीज़ को टॉयलेट में नहीं बहाया जा सकता है, ख़ासकर, ज़िंदा लोगों और जानवरों को. तो आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसे बच्चों और जानवरों के बारे में जिनकी जान टॉयलेट में फंसी, लेकिन फिर भी ज़िन्दगी ने उनका साथ नहीं छोड़ा.
1. टॉयलेट से बच्चे को निकाला
बीजिंग के एक रेस्टोरेंट में लोग तब हैरान रह गए जब उन्हें टॉयलेट से एक बच्चे के रोने की आवाज़ आई. पुलिस ने जब तहकीकात की तो पता चला कि कमोड में एक नवजात शिशु फंसा हुआ था. कुदरत का करिश्मा ही है कि बच्चा पूरी तरह से ठीक था. चीन में एक बच्चे की पॉलिसी के कारण, कई माएं अपने बच्चों को ऐसे ही लावारिस छोड़ जाती हैं. क्या अजीब विडंबना है.
2. मां की गलती से फंसी बच्चे की जान
चीन के जिन्हुआ डिस्ट्रिक्ट में एक बच्चा बिल्डिंग की पाइप्स में फंसा हुआ मिला. उसे बचाने के लिए पाइप्स को काटना पड़ा और बच्चे को अस्पताल पहुंचाया गया. उसकी 22 साल की मां ने बताया कि बच्चे का जन्म टॉयलेट में हुआ और वो उसके शरीर से ख़ून साफ़ कर रही थी, लेकिन गलती से बच्चा फ्लश हो गया.
3. सीवर में मिला बच्चा
ये भी चीन की ही कहानी है, जिसमें बच्चा टॉयलेट से हो कर पाइप के ज़रिये सीवर तक पहुंच गया. रोते हुए बच्चे की आवाज़ सुन कर लोगों ने फायर ब्रिगेड को बुलाया और बच्चे को ध्यानपूर्वक निकाल लिया गया. इस केस में भी पुलिस बेचारे बच्चे की निष्ठुर मां की तलाश कर रही है.
4. पप्पी को बच्चे ने किया फ्लश
4 साल के डेनियल को लगा की उसे अपने पप्पी को नहलाना चाहिए, तो उसने उस बेचारे को टॉयलेट में डाल कर फ्लश कर दिया. जब डेनियल की मां को पता चला तो वो दौड़ कर सीवर के पास पहुंची जहां से उसे कुत्ते के रोने की आवाज़ आ रही थी. 4 घंटों की कड़ी मेहनत के बाद उस पप्पी को निकाल लिया गया. नहाने की बजाये और गंदा हो गया, लेकिन कम-से-कम ज़िंदा तो था.
5. बिल्ली का बच्चा, फंसा टॉयलेट के अंदर
ऑस्ट्रेलिया में एक बिल्ली के बच्चे पर तब गाज गिरी जब 3 साल की अलाना ने उसे टॉयलेट में फ्लश कर दिया. इस किटन का नाम था 'केन'. मां ने जब पूछा कि 'केन कहां है?' तो बच्ची के कहा 'उसे तो फ्लश कर दिया'. फायर ब्रिगेड को बुलाया गया और 4 घंटों की मशक्कत के बाद केन को निकाल लिया. वो बात अलग है कि उसे निकालने के चक्कर में पूरे टॉयलेट को तोड़ना पड़ा. चलो, जान बची तो लाखों पाये.
6. गोल्डफिश की जान अटकी टॉयलेट में
वैसे तो गोल्डफिश आये दिन टॉयलेट में फ्लश होती हैं, लेकिन उनका बच पाना बहुत ही दुर्लभ होता है. स्कॉटलैंड के एक वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में काम करने वाले जेक को एक गोल्डफिश दिखी जो किसी तरह पाइप के रास्ते प्लांट तक पहुंच गयी. इस लकी फिश को निकाल कर फिश-बाउल में डाला गया और उसका नाम रखा गया 'पूह'.
7. इस गोल्डफिश की किस्मत थी सॉलिड
ये एक और वाकया है जब गोल्डफिश फ्लश होने के बाद भी ज़िंदा बच गयी. आइसलैंड में इस जापानी गोल्डफिश को बचाया गया जिसे फ्लश कर दिया गया था. इतने तेज़ बहाव की वजह से उसकी आंखें चली गयीं, लेकिन फिर भी वो 6 साल तक ज़िंदा रही.
8. मकड़ी- इसको फ्लश नहीं कर सकते
अब ऊपर दिए गए लोग तो फ्लश हो गए और किसी तरह उनकी जान बचा ली गयी, लेकिन साला जिसको फ्लश करना होता है, वो होता ही नहीं. ऑस्ट्रेलिया में बहुत सी मकड़ियां पायी जाती हैं जिनमें से कई प्रजातियां खतरनाक होती हैं. ऐसी ही एक बड़ी-सी मकड़ी बैरी के टॉयलेट में मिली और जब उसने उसे फ्लश करने की कोशिश की तो वो टस-से-मस नहीं हुई. इस वीडियो में खुद ही देख लीजिये.
Source: Barry Morrissey
तो बांगड़ू, अगली बार जब टॉयलेट फ्लश करो तो ज़रा देख लेना कि कहीं कोई मकड़ी तो नहीं!
0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें